रेखा गुप्ता होंगी दिल्ली की मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में फैसला,कल लेंगी मुख्यमंत्री पद का शपथ !

करप्शन का दाग न हो
-BJP के किसी CM पर करप्शन का दाग नहीं, इस बार भी इसका खास ध्यान रखा गया. बीजेपी इस एनाउंसमेंट से पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक एक मैसेज देना चाहती है. विपक्ष को संदेश भी है.-ऐसे नेता जिन्हें पद का लालच नहीं और जो जनता के सेवक की भावना की तरह काम करते हैं, उन्हें ढूंढकर बीजेपी सामने ला रही है. इससे नीचे के कार्यकर्ताओं में संदेश जाता है.
संगठन पर पकड़
-जिन नेताओं की आरएसएस और संगठन में पकड़ है, उन्हें मौका मिलता रहा है. ईमानदार और कर्मठी नेताओं को बीजेपी आगे बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है. इस बार भी वही हुआ.-इसके उदाहरण राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, एमपी के मोहन यादव, ओडिशा के मोहन चरण माझी और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय हैं.
लोकप्रिय चेहरा
-बीजेपी के सीएम चुनने का तीसरा मानक देखा गया है कि लोकप्रिय चेहरा होना चाहिए. योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस जैसे कई उदाहरण सामने हैं.-दिल्ली में कोई बड़ा चेहरा नहीं था, लेकिन साफ छवि और कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ की वजह से इस बार नया सीएम चुनने में बीजेपी को आसानी हुई.
समर्पित कार्यकर्ता
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी फैसला लेते वक्त बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ताओं तो बड़ा मौका देती रही है. नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी इसका उदाहरण हैं.
रेखा गुप्ता क्यों?
-रेखा गुप्ता शालीमार बाग से चुनाव जीतकर दिल्ली विधानसभा पहुंची हैं. हरियाणा के जींद में पैदा हुईं रेखा गुप्ता एलएलबी पासआउट हैं. उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली में हुई. वे ABVP यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं और वहीं से राजनीति में सक्रिय हुईं.-उनके नाम का अनाउंस होने की एक प्रमुख वजह वैश्व समुदाय से आना है. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इसी समुदाय से आते हैं. वैश्य समुदाय BJP का कोर वोटर भी है.रेखा गुप्ता को संगठन में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है.(Coutsey प्रखर न्यूज)अर्चना)